डिलीवरी डेट के 4 सप्ताह पेहले से रोजाना खाए ये फल होगी स्वस्थ नॉर्मल डिलिवरी

1
167
chhuhara khane ke fayde
chhuhara khane ke fayde

छुहारा फल जो दुनिया के कई उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है. हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुआ है, इसका कारण इसके विभिन्न फायदे है.

छुहारा और खजूर एक ही पेड के फल है, खजूर सुकने के बाद छुहारा बन जाता है. ऐसा माना जाता है की खजूर अधिक फायदेमंद माना जाता है. ऐसा इसिलिए क्योंकि खजूर सुकने पर इसके कुछ यौगिक कम हो जाते है.

लेकीन छुहारा गर्भावस्था और स्थनपान कराने वाली मताओं के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है.

छुहारा के पोषक तत्व

छुहारा एक उत्कृष्ट पोषण का स्रोत होता है, चूंकि इन्हे सुखया जाता हैं, इसलिए इनकी कैलोरी सामग्री अधिकांश ताजे फलों की तुलना में अधिक होती है.  छुहारा की कैलोरी सामग्री अन्य सूखे मेवों के समान होती है, जैसे कि किशमिश और अंजीर.

छुहारा में ज्यादातर कैलोरी कार्बोहायड्रेट से आती है.  बाकी इसमे बहुत कम मात्रा में प्रोटीन होते हैं. 

Advertisement

ईसकी अधिक कैलोरी के बावजूद, खजूर में महत्वपूर्ण मात्रा में फाइबर के अलावा कुछ महत्वपूर्ण विटामिन और खनिज भी पाए जाते हैं.

छुहारा के पोषक तत्व पोषक तत्व की मात्रा
कैलोरी277
कार्बोहायड्रेट75 ग्राम
फाइबर7 ग्राम
प्रोटीन2 ग्राम
पोटेशियमआरडीआई का 20%
मैग्नीशियमआरडीआई का 14%
कॉपरआरडीआई का 18%
मैंगनीजआरडीआई का 15%
आयरनआरडीआई का 5%
विटामिन बी 6आरडीआई का 12%
छुहारा के पोषक तत्व

आरडीआई = रिकमंडेड डेली इंटेक (दिन में आवश्यक मात्रा)

छुहारा में एंटीऑक्सिडेंट भी अधिक होते हैं, जो उनके कई स्वास्थ्य लाभों में योगदान कर सकते हैं.

छुहारा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के अलावा कई विटामिन और मिनरल होते हैं.  हालांकि, वे कैलोरी में उच्च हैं क्योंकि वे सूखे फल हैं इसिलिए मधुमेह और शुगर के रोगी इसका उपयोग ना करें.

chhuhara khane ke fayde – नॉर्मल डिलिवरी के लिए छुहारा खाने के फायदे

गर्भवती महिलाओं में नॉर्मल डिलिवरी को बढ़ावा देने और कम करने की क्षमता के लिए छुहारा फल का अध्ययन पुरे विश्व में किया गया है.

Advertisement
Advertisement

गर्भावस्था के आखिरी कुछ हफ्तों में छुहारा के फलों को खाने से गर्भाशय ग्रीवा के फैलाव को बढ़ावा मिल सकता है और सिजेरियन ऑपरेशन डिलिवरी की आवश्यकता कम हो सकती है. छुहारा डिलिवरी समय को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं.

एक अध्ययन में, 69 महिलाओं ने अपनी डिलिवरी तारीख से पहले 4 सप्ताह के लिए प्रतिदिन 6 छुहारा का सेवन किया, अंत में यह पाया गया की उनके स्वाभाविक रूप से नॉर्मल डिलिवरी होने की संभावना 20% अधिक थी और उन महिलाओं की तुलना में काफी कम समय के लिए प्रसव किया जिन्होंने छुहारा नहीं खाया था.

154 गर्भवती महिलाओं के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने छुहारा खाया, उनमें उन महिलाओं की तुलना में सिजेरियन ऑपरेशन डिलिवरी की संभावना बहुत कम थी, जिन्होंने छुहारा नहीं खाया.

एक तीसरे अध्ययन में 91 गर्भवती महिलाओं में इसी तरह के परिणाम पाए गए, जिन्होंने गर्भावस्था के 37 वें सप्ताह से रोजाना 70-76 ग्राम छुहारा का सेवन किया. वे छुहारा नहीं खाने वाली महिलाओं की तुलना में औसतन 4 घंटे कम सक्रिय श्रम में थे.

छुहारा गर्भावस्था में नॉर्मल डिलीवरी को प्रभावित इसिलिए करता है क्योंकि इसमे मौजुद यौगिकों जो ऑक्सीटोसिन रिसेप्टर्स से बंधते हैं और शरीर में ऑक्सीटोसिन के प्रभावों की नकल करते प्रतीत होते हैं. ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन है जो बच्चे के जन्म के दौरान श्रम संकुचन का कारण बनता है.

Advertisement

इसके अतिरिक्त, छुहारा में टैनिन होते हैं, जो ऐसे यौगिक हैं जिन्हें संकुचन को सुविधाजनक बनाने में मदद करने के लिए दिखाया गया है. वे प्राकृतिक चीनी और कैलोरी का भी एक अच्छा स्रोत हैं, जो श्रम के दौरान ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने के लिए आवश्यक होते हैं.

गर्भावस्था के अंतिम कुछ हफ्तों के दौरान खजूर का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए नॉर्मल डिलीवरी को बढ़ावा दे सकता है और डिलीवरी समय को कम कर सकता है.

सारांश

1 COMMENT

Leave a Reply