खांसी का इलाज घरेलू
खांसी का इलाज घरेलू

खांसी आपके शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति की प्रतिक्रिया है, जब कोई चीज जैसे की संक्रमण या कोई बिमारी आपके गले या वायुमार्ग को परेशान करती है तब यह तंत्रिकाओं को उत्तेजित करती है जो आपके मस्तिष्क को एक संदेश भेजती है. जिसके परिणाम स्वरूप मस्तिष्क आपकी आपकी छाती और पेट की मांसपेशियों को आपके फेफड़ों से हवा को बाहर निकालने के लिए कहता है ताकि इस जलनशील पदार्थ को बाहर निकाला जा सके इसे खांसी के नाम से जाना जाता है.

खांसी एक सामान्य वायुमार्ग की बीमारी है जिसके कई कारण हो सकते है, वैसे तो यह एक आम समस्या है और खांसी का इलाज घरेलू उपचार से भी किया जा सकता है या फिर खांसी की दवा का भी प्रयोग किया जा सकता है.

कभी-कभार होने वाली खांसी सामान्य और स्वस्थ होती है, अधिकतम मामलों में यह मामूली घरेलू इलाज से चली जाती है. ऐसी खांसी जो कई हफ्तों तक बनी रहती है या जिसमे खूनी बलगम निकलता है. वह ऐसी स्थिति का संकेत दे सकती है जिसके लिए चिकित्सा की आवश्यकता होती है.

कई बार खांसी अधिक तीव्र हो सकती है, लंबे समय तक, तीव्र खाँसी फेफड़ों में जलन पैदा कर सकती है और इससे भी अधिक खाँसी हो सकती है. इससे थकान आना और नींद न आना, चक्कर आना या बेहोशी, सिरदर्द, मूत्र असंयम, उल्टी और यहां तक कि टूटी हुई पसलियों का कारण बन सकता है.

खांसी का इलाज घरेलू – khansi ka gharelu upay

आयुर्वेद में खांसी को कासा कहा गया है. खांसी दोषों और अन्य कारकों की भागीदारी के आधार पर, कासा को पांच प्रकारों में परिभाषित किया गया है – वातजा, पित्तजा, कफजा, क्षतजा (Traumatic) और क्षयज (Turberculic).

इन सभी प्रकार के खांसी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं.

उदाहरण के लिए, अत्यधिक शारीरिक व्यायाम से वातजा खांसी उत्पन्न होता है, क्रोध और मसालेदार भोजन पित्तजा खांसी को जन्म देते हैं, अधिक मीठा खाने, आलस्य और दिन में सोने से कफजा खांसी उत्पन्न होता है, अधिक वजन और यौन आदतों में अत्यधिक शामिल होने से क्षतजा खांसी प्रेरित होगा. सेक्स की अधिकता, गैर-ग्रहणीय भोजन और प्राकृतिक आग्रहों के दमन के परिणामस्वरूप क्षयज खांसी होती है.

1. हल्दी का दूध

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आयुर्वेद में हल्दी के दूध के कई सारे फायदे उसमे से एक खांसी का इलाज घरेलू है, दिन में दो बार एक ग्लास में आधा चमच हल्दी डालकर दूध को गरम करके पिए. यदि आपको खांसी के साथ गले में खराश भी है तो आप हल्दी के दूध में लहसुन की कुछ कलियाँ डाल सकते है और यदि आपको खांसी संक्रमण के कारण है तो आप इसमें अदरक भी डाल सकते है.

  1. देढ़ ग्लास दूध ले और इसे हलकी धीमी आंच पर कर्म करने को रखें.
  2. अब दूध में आधा चमच हल्दी और लहसुन या अदरक डालकर अछि तरह से घुलाए. (यदि आप अदरक इस्तेमाल कर रहे हो तो इसे छोटे टुकड़ों में काट कर ले).
  3. अब इस दूध को १० मिनट तक धीमी आँच पर उबाले जिससे हल्दी और अदरक अच्छी तरह से घुल जाए.
  4. १० मिनट बाद इस दूध को गरमा गरम पिए.

हल्दी के बारें में कुछ टिप्स

  • हमेशा कार्बनिक हल्दी या नैसर्गिक हल्दी के मूल का उपयोग करें, केमिकल प्रोसेस से पाई गई हल्दी पावडर आपकी खांसी और बढ़ा सकती है.
  • हल्दी का ताजा रस हल्दी पावडर से कई गुना प्रभावशाली होता है. लेकिन ताजा हल्दी का मूल पाना कठिन काम होता है यदि आपको हल्दी के मूल मिले तो इन्हे खरीदकर ३ महीनो तक फ्रिड्ज में रख सकते है.
  • हल्दी का ताजा रस आप सीधे आपके दूध में डालकर पी सकते है.

2. गिलोय का रस

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आयुर्वेद के अनुसार खांसी का इलाज घरेलू ताजे गिलोय के रस से भी किया जा सकता है, यदि आपको क्रोनिक खांसी है, ऐसी खांसी जो ३ महीने से अधिक समय के लिए होती है इसे क्रोनिक खांसी कहते है. ऐसे में आप दैनिक रूप से गिलोय रस के दो चमच एक ग्लास पानी में डालकर एक से दो सप्ताह इसका सेवन करे.

गिलोय आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है और तीन दोषों – वात, पित्त और कफ में संतुलन लाने के लिए कार्य करता है. यह एक एंटी-एलर्जीक के रूप में कार्य करता है और इस प्रकार, धुएं, प्रदूषण या पराग से एलर्जी के कारण होने वाली खांसी के इलाज में मदद करता है.

गिलोय काढ़ा एक गर्म पेय है जिसमें गिलोय के रस के समान लाभ होते हैं. जो लोग गर्म पेय पसंद करते हैं वे गिलोय का काढ़ा पि सकते हैं.

  1. गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए, धुले और पिसे हुए गिलोय के डंठल को 1 लीटर पानी में रखें.
  2. अब इसे तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा हो जाए और दो कप काढ़ा हो जाए.
  3. डंठल हटाने के लिए कड़ाही को छान लें और बची हुई चाय या कड़ा उसी तरह पीएं जैसे आप गिलोय का रस पीते हैं.

गिलोय रस का उपयोग डेंगू के बुखार में भी किया जा सकता है, पढ़िए dengue symptoms in hindi

3. मसाला चाय

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गर्म एक कप मसालेदार चाय एक तीव्र खांसी से छुटकारा पाने का एक शानदार तरीका है, यह चाय नैसर्गिक एंटीकफ मसलों से बनी होती हैं इसीलिए इसके कुछ भी दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट्स नहीं होते.

आधा चम्मच अदरक पाउडर, एक चुटकी दालचीनी और कुछ लौंग को मिलाकर आप चाय में डालकर इस चाय का उपयोग क्र सकते है.

  1. सबसे पहले दो कप पानी ले और एक छोटे भगोने में उबालें,
  2. अब इस पानी में १ चमच चाय की पावडर या पत्ती डालें, और अदरक पाउडर, एक चुटकी दालचीनी और कुछ लौंग को डालें,
  3. ५ से ७ मिनट तक इस चाय को उबालें और गरमा गर्म पिए.

तीनों मसाले आपको अंदर से ठीक करने के लिए जाने जाते हैं, ये गर्म मसाले फेफड़ों में जमाव और कफ को धीरे से कम करते हैं और बहती नाक को सुखाने में भी मदद करते हैं.

Quick Tips For Cough Relief

रात को सोते समय खांसी बढ़ जाती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आप लेटते हैं तो श्लेष्मा नाक से गले में टपकने लगता है. आप अपने सिर को ऊंचे स्थान पर रखकर इस स्थिति से निपट सकते हैं. इससे खांसी कम होगी और आपको अच्छी नींद आने में मदद मिलेगी.

4. काली मिर्च

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क्रोनिक खांसी के लिए काली मिर्च सबसे आसान घरेलू उपाय है. आधा चम्मच काली मिर्च को देसी घी में मिलाकर खाएं. काली मिर्च के गुणधर्म कफ को साफ करने में मदद करते है, सर्वोत्तम परिणामों के लिए इस मिश्रण को दिन में कम से कम दो से तीन बार लें.

काली मिर्च जीवाणुरोधी और एंटी इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर होती है, जो संक्रमण को दूर रखने में मदद करती है और असुविधा से भी राहत देती है. काली मिर्च विटामिन सी से भी समृद्ध होती है, जो प्राकृतिक रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और एक उत्कृष्ट एंटीबायोटिक के रूप में भी काम करती है.

अधिकतम लाभ के लिए काली मिर्च की पावडर का इस्तेमाल सबसे अच्छा है, काली मिर्च को छाती में कफ का जमाव और बंद नाक को कम करने के लिए भी जाना जाता है. शहद के साथ मिश्रित काली मिर्च भारतीय घरों में एक विश्वसनीय टॉनिक है क्योंकि शहद एक प्राकृतिक कफ सप्रेसेंट के रूप में कार्य करता है.

5. शहद, मुलेठी और दालचीनी का मिश्रण

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१/४ चम्मच शहद, १/४ चम्मच मुलेठी पाउडर और १/४ चम्मच दालचीनी पाउडर को पानी के साथ मिलाकर दिन में दो बार सुबह-शाम लेने से खांसी पर रामबाण उपाय हो जाता है.

  • शहद अपने प्रभावी एंटी इंफ्लामेट्री गुणों के लिए जाना जाता है, पेन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसिन में 2007 में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि शहद वास्तव में ओवर-द-काउंटर दवाओं की तुलना में अधिक प्रभावी है, जिसमें ज्यादातर डेक्स्ट्रोमेथॉर्फ़न जैसे कफ सप्रेसेंट होते हैं.
  • मुलेठी अपने एक्सपेक्टरेंट और ब्रोन्कोडायलेटर गुणों के कारण खांसी और ब्रोंकाइटिस जैसी स्थितियों से राहत प्रदान करने के लिए जाना जाता है.
  • दालचीनी खांसी और सर्दी को ठीक करने में कारगर है, इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-माइक्रोबियल हैं जो खांसी और सर्दी का कारण बनने वाले वायरस से लड़ सकती हैं.

6. पिप्पली

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पिप्पली खांसी और सर्दी के प्रबंधन में एक प्रभावी जड़ी बूटी है. अध्ययनों से पता चलता है कि यह खांसी के साथ सामान्य सर्दी से जुड़े सिरदर्द और भीड़ से भी राहत देता है.

पिप्पली एक आवश्यक जड़ी बूटी है जिसका उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है. पिप्पली की जड़ और फल इसके औषधीय प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाते हैं. इस पौधे के फल हल्के पीले से नारंगी रंग के और स्वाद में तीखे होते हैं.

दोपहर और रात के खाने के बाद पिप्पली के चूर्ण को शहद के साथ निगलने से वायु मार्ग से बलगम को बाहर निकालने में मदद मिलती है, जिससे रोगी को आसानी से सांस लेने में मदद मिलती है.

  1. एक चुटकी पिप्पली चूर्ण लें,
  2. इसे 1 चम्मच शहद के साथ घुलाए और निगल ले,
  3. इस उपचार को दिन में 1-2 बार दोहराएं और तब तक जारी रखें जब तक सर्दी-खांसी कम न हो जाए.

7. प्याज और शहद का कफ सिरप

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प्याज एक डीकॉन्गेस्टेंट के रूप में कार्य करता है और आपके वायुमार्ग को शांत करता है और शहद में एंटी इंफ्लामेट्री और ब्रोकोडायलेटर गुणधर्म होते है. यह मिश्रण खांसी के लिए प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है.

  1. एक प्याज लें और इसे काट कर उसका मिक्सर में रस निकाल लें,
  2. प्याज के रस में थोड़ा सा शहद मिला लें,
  3. इस मिश्रण को करीब पांच घंटे के लिए छोड़ दें, जिससे यह अच्छी तरह घुल मिल जाए,
  4. यह मिश्रण को एयर टाइट कंटेनर में रखे और इसका इस्तेमाल कफ सिरप की तरह करें,
  5. एक बार में दो चमच से अधिक कफ सिरप न ले.

प्याज का रस और शहद का घरेलू नुस्खा सूखी खांसी के लिए उत्कृष्ट उपचार है, यह कीटाणुओं को मारने और जलन को दूर करने के लिए माना जाता है.

8. लंबी मिर्च, अदरक और तुलसी का मिश्रण

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खांसी का यह घरेलू उपाय बनाने के लिए लगभग 10 ग्राम लंबी काली मिर्च, सोंठ, तुलसी के पत्ते लगभग 10 ग्राम लें. इसमें ४-६ छोटी इलायची डालें और बारीक पीस लें. इस चूर्ण को बराबर मात्रा में शहद के साथ सेवन करने से खांसी में आराम मिलता है.

तीनों में मौजूद एंटी इन्फ्लामेट्री गुणधर्म, और कफ सप्रेसेंट गुणधर्म खांसी पर प्रभावी इलाज है.

खांसी के अन्य घरेलू उपचार

ऊपर बताई गए खांसी का इलाज घरेलू के अलावा घर पर ही सर्दी-खांसी से प्राकृतिक रूप से छुटकारा पाने के कुछ अन्य तरीके भी हैं. इनमे शामिल है:

1. भाप लेना

भाप लेने से फेफड़ों से बलगम को बाहर निकालने में मदद मिलती है. इसमें आप वेपोराइजर का उपयोग कर सकते है या सिर्फ पानी की भाप लें. पानी में नमक, लौंग, या विक्स जैसी चीजें मिलाने से सर्दी और बहती नाक से इलाज होता है.

2. नमक के पानी से गरारे

गले में जमा कफ को ढीला या पतला करने के लिए नमक के पानी से गरारे करना एक आम घरेलू उपाय है. एक गिलास पानी गर्म करें और उसमें 1/4 टीस्पून नमक डालें. सर्वोत्तम परिणामों के लिए दिन में 3 बार गरारे करें.

3. प्राणायाम

आयुर्वेद में प्राणायाम खांसी का कारगर इलाज है, यह तकनीक श्वास मार्ग को साफ करती है और नाक और छाती की कफ से राहत प्रदान करती है.

4. काढ़ा

काढ़ा भारतीय घरों में सर्दी खांसी और फ्लू के इलाज और रोकथाम के लिए एक प्रसिद्ध उपाय है, कड़ा एक पानी का अर्क होता है जो जड़ी-बूटियों और मसालों जैसे काली मिर्च, अदरक, दालचीनी, तुलसी आदि को पानी में उबालकर बनाया जाता है. यह श्वसन तंत्र में किसी भी संक्रमण को साफ करता है और प्रतिरक्षा को बढ़ाता है.

5. नस्य

खांसी और सर्दी के लिए नस्य कम ज्ञात लेकिन प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार है, इस तकनीक में, नीम, अदरक, या नीलगिरी के आवश्यक तेल जैसे आयुर्वेदिक तेल का उपयोग नेसल ड्राप के रूप में किया जाता है. यह नाक के मार्ग में बलगम को साफ करने में मदद करता है.

6. विटामिन सी

विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा, नींबू, अंगूर, पपीता, फूलगोभी, ब्रोकली आदि का सेवन सर्दी और खांसी से लड़ने में मदद करता है.

Quick tips to keep distance from cough in hindi

  1. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड के लिए साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं,
  2. अपने चेहरे, आंख, नाक को छूने से बचें,
  3. कार्यस्थल पर दूषित सतहों जैसे दरवाजे की घुंडी, माउस, कुर्सी के हैंडल आदि को छूने के बाद अपने हाथों को अल्कोहल-आधारित हैंड जैल से साफ करें,
  4. जो लोग सर्दी-खांसी से पीड़ित हैं उनसे 6 फीट की दूरी बनाकर रखें,
  5. अपने पानी का सेवन बढ़ाएं और गर्म चाय और तरल पदार्थों का सेवन करें,
  6. एक कटोरी गर्म पानी में यूकेलिप्टस के तेल की 1-2 बूंदें डालकर स्टीम इनहेलेशन करें,
  7. विटामिन सी युक्त भोजन से भरपूर संतुलित आहार लेकर अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें,
  8. अंत में, अपने आप को सक्रिय रखने के लिए किसी प्रकार का व्यायाम या योग करें.

इसके साथ हमारे आजके खांसी का इलाज घरेलू का लेख यही पर खतम होता है, कमेंट में जरूर बनाना आपने कौनसा इलाज का इस्तेमाल किया और आपको कैसा परिणाम मिला.

4 COMMENTS

  1. […] खाँसी – जी हा जिंकोविट टैबलेट से खांसी भी आ सकती है मात्र यह बहोत कम लोगो मे दीखती है इसलीये जिंकोविट टैबलेट के सेवन से कतराना नहीं (खांसी का इलाज घरेलू) […]

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